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महत्वपूर्ण शब्दावली – Exam Guider

महत्वपूर्ण शब्दावली

महत्वपूर्ण शब्दावली

बाल्कनीकरण (Balkanisation):

एक क्षेत्र को पारस्परिक शत्रुता वाले स्वशासी व अर्द्ध- स्वशासी क्षेत्रों में जानबूझकर
खंडित करना ताकि वे संगठित रूप से इनको तोड़ने वाले के विरूद्ध खतरा न उत्पन्न कर सकें। इस राजनीतिक प्रारूप को बाल्कनीकरण कहा जाता है।

प्रत्यर्पण (Extradition): एक देश या सरकार द्वारा उसके अपराधी को न्यायिक जाँच तथा दंड के लिये दूसरे देश या सरकार को सौंप देना प्रत्यर्पण कहलाता है।

वैश्वीकरण (Gilobalization): सामाजिक-आर्थिक संबंधों का संपूर्ण विश्व में विस्तार ही वैश्वीकरण है जिसके परिणामस्वरूप वर्तमान में अंतर्राष्ट्रीय व्यापार व सांस्कृतिक परिवर्तनों की गति तीव्र हुई है।

हरित राजनीति (Green Politics): यह पर्यावरणवाद से संबद्ध राजनीतिक विचारों का एक संकलन है जिसमें सतत् समाज (Sustainable Society) के निर्माण का उद्देश्य निहित होता है। इसकी अनेक कार्यवाहियाँ वैश्वीकरण की विरोधी हैं।

मेगाफोन कूटनीति (Megaphone Diplomacy): कूटनीति का ऐसा प्रकार जिसमें पक्षों के बीच सीधी वार्ता नहीं होती ये पक्ष अपनी बात को मीडिया या अन्य एजेंसियों के माध्यम से व्यक्त करते हैं। उदाहरणतः म्याँमार मुद्दे पर विश्व समुदाय का दुष्टिकोण।

मैड्रिड सिस्टम (Madrid System): यह ‘विश्व बौद्धिक संपदा संगठन’ (WIPO) की एक अंतराष्ट्रय व्यवस्था है जो विभिन्न राष्ट्रों के ट्रेडमार्क और सर्विस मार्क के पंजीकरण को एक व्यवस्था के अंतर्गत लाती है।

मार्शल प्लान (Marshal Plan): इस प्लान को अमेरिकीविदेश सचिव जॉर्ज मार्शल ने 1947 में दिया था। जिसमें कहा गया था कि द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद अमेरिका को ऐसा कार्यक्रम बनाना चाहिये जिससे यूरोपीय देशों की सरकारें तथा जनता स्वयं को आर्थिक रूप से सुदृढ़ कर सकें।

मुनरो सिद्धांत (Monroe Doctrine): यह सिद्धांत अमेरिका द्वारा 1823 में प्रतिपादित किया गया। यह इस सोच पर आधारित था कि यूरोपीय शक्तियां दक्षिण अमेरिका में शक्नि का प्रसार न कर पाएँ। इसके तहत अमेरिकी सरकार ने सेना के माध्यम से दक्षिण अमेरिकी देशों में चुनावों को प्रभावित किया। इसके द्वारा यूरोपीय शक्तियों को यह चेतावनी दी गई कि वे दक्षिण अमेरिका में अपनी शक्ति का प्रसार न करें।

मुक्त आकाश संधि (0pen Sky Treaty) : इसके अंतर्गत सदस्य राष्ट्रों के शस्त्रविहीन, अनुसंधान के उपयोग में आने वाले विमान अल्प सूचना देकर एक-दूसरे के क्षेत्र में प्रवेश कर वहाँ की सेना तथा उसकी गतिविधियों के आँकड़ों का संग्रह कर सकते हैं।

शेंजेन ज़ोन (Schengen Zone): यूरोपीय संघ का सीमाविहीन क्षेत्र जिसके अंतर्गत विचरण के लिये ‘वीज़ा’ की आवश्यकता नहीं होती है, इसे शेंजेन ज़ोन कहा जाता है।

तृतीय विश्व (Third World): प्रायः यह उन देशों के लिये प्रयोग किया जाता था जो कि शीतयुद्ध के दौरान न तो पूर्व( रूस) के और न ही पश्चिम (अमेरिका) के साथ थे, परंतु अब यह ‘मानव विकास सूचकांक’ के आधार पर कम विकसित देशों के लिये प्रयोग होता है। ये देश दक्षिणी गोलार्द्ध अल्पविकसित राष्ट्र /बहुसंख्यक संसार के नाम से भी जाने जाते हैं।

गोल्डेन क्रेसेंट (Golden Crescent) : दक्षिण-पश्चिम एशिया के अफगानिस्तान, पाकिस्तान व ईरान के वे क्षेत्र जो अफीम उत्पादन करते हैं गोल्डेन क्रेसेंट कहलाते हैं।

स्वर्णिम त्रिभुज (Golden Triangle): म्याँमार, थाईलैंड व लाओस को सम्मिलित रूप से स्वर्णिम त्रिभुज की संज्ञा दी गई है। यहाँ आर्थिक उदारीकरण के बावजूद मादक द्रव्यों का कुप्रभाव कम नहीं हुआ है।

भू-राजनीति (Geo Politics): विदेश नीति के विश्लेषण की वह विधि जिसमें अंतर्राष्ट्रीय राजनीतिक व्यवहार को भौगोलिक विभिन्नताओं, जैसे- स्थिति, आकार, जलवायु, टोपोग्राफो, जनांकिकी, प्राकृतिक संसाधनों तथा तकनीकी विकास एवं क्षमता के संदर्भ में समझने, व्याख्या करने और पूर्वानुमान स्थापित करने की कोशिश की जाती है।

प्रेक्षक प्रास्थिति (Observer Status): प्रेक्षक प्रास्थिति अर्द्धविधिक शब्द है। इस प्रास्थिति का आशय सम्मेलन कूटनीति से है। जिसमें कुछ निष्पक्ष और बाहरी देश के अभिकर्त्ताओं को बिना मताधिकार के ही कुछ विशेष अधिकार और सुविधाओं को दिया जाता है ।

एक चीन नीति (One China Policy): एक चीन नीति वह सिद्धांत है जिसमें एक ही चीन के होने की बात कही गई है और मुख्य भूमि चीन (मेनलैंड चाइना), हॉन्गकॉन्ग, मकाऊ और ताइ़वान इन सभी को एकीकृत चीन का ही अभिन्न अंग स्वीकार किया गया है।

“सभ्यताओं का संघर्ष” (Clash of Civilisation) सिद्धांतः सैम्युअल हंटिंग्टन (Samuel Huntington) के इस प्रसिद्ध सिद्धांत के अनुसार अपने मूल अंतर्द्द्धों के कारण भविष्य में इस्लामी और पश्चिमी सभ्यता के बीच मुख्य संघर्ष होना निश्चित है।

नृजातीय संहार (Ethnic Cleansing): किसी एक निश्चित क्षेत्र से किसी नृजातीय समूह या समूहों को बलपूर्वक बाहर करना। इसमें बड़े पैमाने पर जनसंहार एवं अन्य प्रकार के मानवाधिकारों का उल्लंघन शामिल हो सकता है।

द्विध्रुवीय विश्व (Bipolar Horla): शक्ति संतुलन की यह मान्यता जिसके अनुसार शक्ति दो शक्तियों के बीच केंद्रित हो।

बहुध्रुवीय विश्व (Mulipolar World) : शाक्ति संतुलन की एक मान्यता जिसके अनुसार शक्ति दो से अधिक शक्तियों के बीच केंद्रित हो। शीत युद्धोत्तर विश्व में बहुधुवीय विश्व व्यवस्था विद्यमान है। अमेरिका, रूस, ब्रिटेन, जर्मनी, चीन व ब्राज़ील जैसे देश बहुश्रुवीयता को बढ़ावा दे रहे हैं।

आतंक का संतुलन (Balance of Terror): परमाणु हथियाररखने वाले देश एक-दूसरे पर आक्रमण नहीं करते। शीतयुद्ध के दौर में अमेरिका एवं सोवियत संघ के बीच आतंकका संतुलन विद्यमान था। आज भी परमाणु हथियार संपन्न पड़ोसी देशों के बीच यह देखने को मिलता है।

भू-आबद्ध देश (Lamd Locked Country): भूमि आबद्ध देश की कोई भी सीमा समुद्र से नहीं मिलती है। इस कारण ऐसा देश चारों ओर से पड़ोसी देशों से घिरा रहता है। भूमि आबद्ध देशों की विदेश नीति पर इनके पड़ोसी देशों का काफी प्रभाव होता है। भूटान, नेपाल, अफगानिस्तान
भूमि आबद्ध देशों के उदाहरण हैं।

बफर राज्य (Bufler State): दो बड़े राज्यों या महाशक्तियों के बीच अवस्थित देश का बफर राज्य कहा जाता है। बफर राज्य के कारण दो शक्तियाँ आमने-सामने आने से बच जाती हैं। जैसे भारत एवं चीन के बीच नेपाल एक बफर राज्य है।

पीस कीपिंग (Peuce Keeping): संयुक्त राष्ट्र (UN) द्वारा संघर्ष से पीड़ित या अस्त-व्यस्त देश में पीस कीपिंग को दीर्घकालिक शांति का विकास करने के एक उपाय के रूप में किया जाता है। इसके अंतर्गत ऐसे उपाय किये जाते हैं जिससे शांति बनाई रखी जा सके। लड़ाई समाप्त होने के
बाद शांति निर्माताओं (Peace Makers ) द्वारा समझौतों के क्रियान्वयन में सहायता की जाती है।

अधिराष्ट्रवाद (Supranationalism) : अधिराष्ट्रवाद एक ऐसी सत्ता का अस्तित्व है जो राष्ट्र-राज्य की सत्ता से ऊँचा है और जो अपनी इच्छाओं को राष्ट्र-राज्य पर थोपने में सक्षम है। इस प्रकार अधिराष्ट्रवाद संप्रभुता एवं निर्णयन WHI (Sovereignty and Decision Making Authority) सदस्य या घटक राज्यों से क्षेत्रीय या अंतर्राष्ट्रीय संगठनों को सौंप देता है।

विश्व सरकार (World Government): विश्व सरकार एक ऐसी अभिकल्यना है जिसमें सभी मानव एक सामान्य राजनीतिक सत्ता के अधीन होंगे। विश्व सरकार की सभी संकल्पनाएँ एक अधिराष्ट्रीय निकाय (Supranational Body) में सत्ता के केंद्रीयकरण पर अवस्थित हैं।

संरक्षणवाद (Protectionism): घरेलू उद्योगों को संरक्षण देने के उद्देश्य से प्रशुल्क, कोटा तथा अन्य उपायों को अपनाना ताकि आयात को सीमित किया जा सके।

राज्य प्रायोजित आतंकवाद (State Sponsored Terrorism) : राज्यों द्वारा राजनीतिक लक्ष्यों की प्राप्ति के लिये आतंकवादी समूहों का सहारा लेना। सामान्यतया राज्य की इंटेलिजेंस एजेंसियों के नियंत्रण में आतंकवादी समूह कार्य करते हैं।

युद्ध अपराध (War Crimes): युद्धबंदियों के साथ दुर्व्यवहार करने या नागरिकों को ज़रूरत से ज्यादा लक्षित करने जैसे युद्ध नियमों का उल्लंघन करना।

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