SSC


कम्प्यूटर का क्रमिक विकास
ब्रह्मांड

आज से 14 अरब वर्ष पूर्व ब्रह्मांड का कोई अस्तित्व नहीं था। पूरा ब्रह्मांड एक छोटे से अति सघन बिंदु में सिमटा हुआ था। अचानक एक जबर्दस्त विस्फोट – बिग बैंग (Big Bang) हुआ औरब्रह्मांड अस्तित्व में आया। महाविस्फोट के प्रारंभिक क्षणों में आदि पदार्थ (Proto matter) व प्रकाश का मिला-जुला गर्म लावा तेजी से चारों तरफ बिखरने लगा।

विद्युत
आज से हजारों वर्ष पूर्व करीब 600 ई. पू. में यूनान के वैज्ञानिक थेल्स ने पाया कि जब अम्बर नामक पदार्थ को ऊन के किसी कपड़े से रगड़ा जाता है तो उसमें छोटी-छोटी वस्तुओं को अपनी ओर आकर्षित करने का गुण आ जाता है। वह गुण जिसके कारण पदार्थ विद्युतमय होते हैं, ‘विद्युत’ (electricty) कहलाता है। जब आवेश किसी तार या चालक पदार्थ में बहता है तो उसे धारा विद्युत (current electricity) कहते हैं। आवेश दो प्रकार के – धनात्मक आवेश (+ve charge) व ऋणात्मक आवेश (-ve charge) होते हैं।

प्रकाश
प्रकाश, ऊर्जा का ही एक रूप है जो हमारी दृष्टिï के संवेदन का कारण है। प्रकाश द्वारा अपनाए गए सरल पथ को किरण (ray) कहते हैं। अनेक किरणों से किरण पुंज (beam) बनता है जो अपसारी (diverging) व अभिसारी (converging) हो सकते हैं।.
जीवन का रासायनिक आधार
जीवन के सभी आधारभूत रसायन (प्रोटीन, न्यूक्लिक अम्ल, कार्बोहाइड्रेट, विटामिन, हार्मोन इत्यादि) कुछ गिने-चुने मूल तत्वों से बने होते हैं जैसे कार्बन, हाइड्रोजन, ऑक्सीजन, नाइट्रोजन, सल्फर एवं फॉस्फोरस। इनमें सबसे प्रमुख कार्बन है। शरीर के लिए सबसे महत्वपूर्ण कार्बनिक यौगिक कार्बोहाइड्रेट, वसा एवं प्रोटीन हैं।

तरंग
प्रकाश व ध्वनि दोनों ही तरंग रूप में गमन करते हैं। पदार्थ के अंतरण के बिना ही ऊर्जा के अंतरण (गमन) को तरंग गति कहते हैं। तरंग के इस रूप को जिसमें कणों की गति तरंग गति के लम्बवत् हो अनुप्रस्थ तरंग (Transverse wave) कहलाते हैं,। प्रकाश की तरंग अनुप्रस्थ तरंग होती है। जब किसी माध्यम में यांत्रिक तरंगें इस प्रकार चलती हैं कि माध्यम के कण तरंग के संचरण की दिशा में समांतर कंपन करते हैं तो ऐसी तरंगों को अनुदैध्र्य (longitudinal) तरंगें कहते हैं।

भौतिक राशियाँ, मानक एवं मात्रक

भौतिक संबंधी नियमों को- समय, बल, ताप, घनत्व जैसी तथा अन्य अनेक भौतिक राशियों के संबंध सूत्रों के रूप में व्यक्त किया जा सकता है। सभी भौतिक राशियों को सामान्यत: मूल (लंबाई, द्रव्यमान व समय) एवं व्युत्पन्न (गति, क्षेत्रफल, घनत्व इत्यादि) राशियों में बाँटा जा सकता है।

ऑक्सीकरण – अपचयन तथा विलेय, विलयन व विलायक
ऑक्सीकरण तथा अपचयन
विलेय, विलयन व विलायक


द्रव्य व उसकी प्रकृति

हर वह वस्तु जिसमें भार होता है और जगह घेरती है, उसे द्रव्य कहते हैं। किसी भी वस्तु में द्रव्य की मात्रा को द्रव्यमान (mass) कहते हैं।
वर्गीकरण हम द्रव्य को शुद्ध पदार्थ तथा मिश्रण में वर्गीकृत कर सकते हैं। द्रव्य का वर्गीकरण तत्व, यौगिक और मिश्रण में भी किया जाता है।

बायोतकनीक व बायोइन्फोर्मेटिक के क्षेत्र में भविष्य की तकनीक
जेनेटिक इंजीनियरिंग , सिंथेटिक जीवविज्ञान व सिंथेटिक जीनावली, कृत्रिम फोटो संश्लेषण, विट्रीफिकेशन, हाइबरनेशन या सस्पेंडेड एनीमेशन,स्टेम सेल चिकित्सा,पर्सनलाइज्ड दवाएं

भिन्न प्रकार के रोग एवं उनके लक्षण

भिन्न प्रकार के रोग एवं उनके लक्षण
बैक्टीरिया से होने वाले रोग
वायरस से होने वाले रोग
प्रमुख अंत: स्रावी ग्रंथियां एवं उनके कार्ये
विटामिन की कमी से होने वाले रोग

औषधियाँ

औषधियाँ रोगों के इलाज में काम आती हैं। प्रारंभ में औषधियाँ पेड़-पौधों, जीव जंतुओं से प्राप्त की जाती थीं, लेकिन जैसे-जैसे रसायन विज्ञान का विस्तार होता गया, नए-नए तत्वों की खोज हुई तथा उनसे नई-नई औषधियाँ कृत्रिम विधि से तैयार की गईं।

शरीर के तंत्र
प्रत्येक कार्य के लिए कई अंग मिलकर एक तंत्र बनाते हैं जैसे भोजन के पाचन के लिए पाचनतंत्र (Digestive system), श्वसन के लिए श्वसन तंत्र आदि।

पोषण (Nutrition)
पादप अपने कार्बनिक खाद्यों के लिए (कार्बोहाइड्रेट, वसा, प्रोटीन और विटामिन) केवल वायुमंडल पर ही निर्भर नहीं रहते हैं, इसलिए इन्हें स्वपोषी (Autotrophs) कहते हैं। कुछ जीवाणु भी सौर ऊर्जा या रासायनिक ऊर्जा का इस्तेमाल कर अपना भोजन स्वयं बना लेते हैं। उन्हें क्रमश: फोटोऑटोट्रॉफ या कीमोऑटोट्रॉफ कहते हैं। दूसरी तरफ जीव, कवक और अधिकांश जीवाणु, अपना भोजन निर्माण करने में सक्षम नहीं हैं और वे इसे वायुमंडल से प्राप्त करते हैं। ऐसे सभी जीवों को परपोषी (heterotroph) कहते हैं।

कोशिका (Cell)

1665 में सर्वप्रथम रॉबर्ट हुक ने कोशिका (Cell) का वर्णन किया था। दो जर्मन जीव वैज्ञानिकों – एम. श्लाइडन और टी. श्वान ने 1838-39 में कोशिका सिद्धान्त (Cell Theory) प्रतिपादित किया, जिसके अनुसार सभी जीवों का निर्माण कोशिकाओं से होता है।

जीवधारी : लक्षण एवं वर्गीकरण
जीव विज्ञान जीवधारियों का अध्ययन है, जिसमें सभी पादप और जीव-जंतु शामिल हैं। विज्ञान के रूप में जीव विज्ञान का अध्ययन अरस्तू के पौधों और पशुओं के अध्ययन से शुरू हुआ, जिसकी वजह से उन्हें जीव विज्ञान का जनक कहा जाता हैै। लेकिन बायोलॉजी शब्द का प्रथम बार प्रयोग फ्रांसीसी प्रकृति विज्ञानी जीन लैमार्क ने किया।

क्वांटम कम्प्यूटर
भविष्य के कम्प्यूटर
सन् 2030 अथवा उसके आसपास आपके डेस्क पर रखा हुआ कम्प्यूटर ट्रांजिस्टरों और चिपों के स्थान पर द्रव से भरा हो सकता है। यह क्वांटम कम्प्यूटर होगा। यह भौतिक नियमों के द्वारा संचालित नहीं होगा।

सुपर कम्प्यूटर
आधुनिक परिभाषा के अनुसार वे कम्प्यूटर जिनकी मेमोरी स्टोरेज (स्मृति भंडार) 52 मेगाबाइट से अधिक हो एवं जिनके कार्य करने की क्षमता 500 मेगा फ्लॉफ्स (Floating Point operations per second – Flops) हो, उन्हें सुपर कम्प्यूटर कहा जाता है। सुपर कम्प्यूटर में सामान्यतया समांतर प्रोसेसिंग (Parallel Processing) तकनीक का प्रयोग किया जाता है।

नेटवर्किंग
नेटवर्किंग एक ऐसी व्यवस्था है जिसमें कम्प्यूटर सूचनाओं और उससे स्रोतों का आदान-प्रदान करते हैं।

प्रोग्रामिंग भाषाएं
कम्प्यूटर के दो भाग होते हैं- हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर। इलेक्ट्रॉनिक सर्किटों और इलेक्ट्रोमैकेनिकल साधनों से बनी पाँच कार्य यूनिटें कम्प्यूटर हार्डवेयर बनाती हैं। जबकि हार्डवेयर पर इस्तेमाल होने वाले प्रोग्राम या रूटीन, जिनसे विभिन्न कार्य किए जाते हों, सॉफ्टवेयर कहलाती हैं। प्रोग्राम लिखने की कला प्रोग्रामिंग कहलाती है। प्रत्येक कम्प्यूटर में अपने हार्डवेयर के अनुसार एक अद्वितीय निम्नस्तरीय भाषा या मशीन लैंग्वेज होती है।

कम्प्यूटरों का परिचय
कम्प्यूटर एक डाटा प्रोसेसिंग उपकरण होता है जो पढ़ व लिख सकता है, गणना और तुलना कर सकता है, डाटा की भारी मात्रा को उच्च गति, सटीकता और विश्वसनीयता के साथ स्टोर व प्रोसेस कर सकता है।

इंटरनेट का क्रमिक विकास

अमेरिकी रक्षा विभाग के एडवांस्ड रिसर्च प्रोजेक्ट्स एजेंसी (APRA) ने सं.रा.अमेरिका के चार विश्वविद्यालयों के कम्प्यूटरों की नेटवर्किंग करके इंटरनेट ‘अप्रानेट’ (APRANET) की शुरुआत की।

भारत विश्व की सबसे पुरानी सम्यताओं में से एक है जिसमें बहुरंगी विविधता और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत है। इसके साथ ही यह अपने-आप को बदलते समय के साथ ढ़ालती भी आई है। आज़ादी पाने के बाद पिछले 67 वर्षों में भारत ने बहुआयामी सामाजिक और आर्थिक प्रगति की है। भारत कृषि में आत्मनिर्भर बन चुका है और अब दुनिया के सबसे औद्योगीकृत देशों की श्रेणी में भी इसकी गिनती की जाती है। साथ ही उन चंद देशों में भी इसका शुमार होने लगा है, जिनके कदम चांद तक पहुंच चुके हैं। भारत का क्षेत्रफल 32,87,263 वर्ग कि.मी. है, जो हिमाच्छादित हिमालय की ऊंचाइयों से शुरू होकर दक्षिण के विषुवतीय वर्षा वनों तक फैला हुआ है। विश्व का सातवां बड़ा देश होने के नाते भारत शेष एशिया से अलग दिखता है जिसकी विशेषता पर्वत और समुद्र ने तय की है और ये इसे विशिष्ट भौगोलिक पहचान देते हैं। उत्तर में बृहत् पर्वत श्रृंखला हिमालय से घिरा यह कर्क रेखा से आगे संकरा होता जाता है। पूर्व में बंगाल की खाड़ी, पश्चिम में

 

अरब सागर तथा दक्षिण में हिन्द महासागर इसकी सीमा निर्धारित करते हैं।

पूरी तरह उत्तरी गोलार्ध में स्थित भारत की मुख्यभूमि 8 डिग्री 4 मिनट और 37 डिग्री 6 मिनट उत्तरी अक्षांश और 68 डिग्री 7 मिनट तथा 97 डिग्री 25 मिनट पूर्वी देशान्तर के बीच स्थित है । उत्तर से दक्षिण तक इसकी अधिकतम लंबाई 3,214 कि.मी. और पूर्व से पश्चिम तक अधिकतम चौड़ाई 2,933 कि.मी. है। इसकी ज़मीनी सीमाओं की लंबाई लगभग 15,200 कि.मी. है। जबकि मुख्यभूमि, लक्षद्वीप और अण्डमान तथा निकोबार द्वीपसमूह की तटरेखा की कुल लम्बाई 7,516.6 कि.मी है।

भूगोल

 

स्थान हिमालय द्वारा भारतीय पेनिसुला का मुख्य भूमि एशिया से अलग किया गया है। देश पूर्व में बंगाल की खाड़ी, पश्चिम में अरब सागर और दक्षिण में हिन्द महासागर से घिरा हुआ है।
भौगोलिक समन्वय यह पूर्ण रूप से उत्तरी गोलार्ध मे स्थित है, देश का विस्तार 8° 4′ और 37° 6′ l अक्षांश पर इक्वेटर के उत्तर में, और 68°7′ और 97°25′ देशान्तर पर है।
स्थायी मान समय जी एम टी + 05:30
क्षेत्र 3.3 मिलियन वर्ग किलोमीटर
देश का टेलीफोन कोड +91
सीमाओं में स्थित देश उत्तर पश्चिम में अफगानिस्तान और पाकिस्तान, भूटान और नेपाल उत्तर में; म्यांमार पूरब में, और पश्चिम बंगाल के पूरब में बंगलादेश। श्रीलंका भारत से समुद्र के संकीर्ण नहर द्वारा अलग किया जाता है जो पाल्क स्ट्रेट और मनार की खाड़ी द्वारा निर्मित है।
समुद्रतट 7,516.6 किलोमीटर जिसमें मुख्य भूमि, लक्षद्वीप, और अण्डमान और निकोबार द्वीपसमूह शामिल हैं।
जलवायु भारत की जलवायु को मोटे तौर पर उष्णकटिबंधीय मानसून के रूप में वर्गीकृत किया जा सकता है। परन्तु भारत का अधिकांश उत्तरी भाग उष्णकटिबंधीय क्षेत्र के बाहर होने के बावजूद समग्र देश में उष्णकटिबंधीय जलवायु है जिसमें अपेक्षाकृत उच्च तापमान और सूखी सर्दी पड़ती है। चार मौसम है:

  1. सर्दी (दिसम्बर-फरवरी)
  2. गर्मी (मार्च-जून)
  3. दक्षिण पश्चिम मानसून का मौसम (जून-सितम्बर)
  4. मानसून पश्च मौसम (अक्तूबर-नवम्बर)
भूभाग मुख्य भूमि में चार क्षेत्र हैं नामत: ग्रेट माउन्टेन जोन, गंगा और सिंधु का मैदान, रेगिस्तान क्षेत्र और दक्षिणी पेनिंसुला।
प्राकृतिक संसाधन कोयला, लौह अयस्क, मैगनीज अयस्क, माइका, बॉक्साइट, पेट्रोलियम, टाइटानियम अयस्क, क्रोमाइट, प्राकृतिक गैस, मैगनेसाइट, चूना पत्थर, अराबल लेण्ड, डोलोमाइट, माऊलिन, जिप्सम, अपादाइट, फोसफोराइट, स्टीटाइल, फ्लोराइट आदि।
प्राकृतिक आपदा मानसूनी बाढ़, फ्लेश बाढ़, भूकम्प, सूखा, जमीन खिसकना।
पर्यावरण – वर्तमान मुद्दे वायु प्रदूषण नियंत्रण, ऊर्जा संरक्षण, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, तेल और गैस संरक्षण, वन संरक्षण, आदि।
पर्यावरण-अंतर्राष्ट्रीय करार पर्यावरण और विकास पर रीयो की घोषणा, जैव सुरक्षा पर कार्टाजेना प्रोटोकॉल, जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राज्य ढांचागत कार्य सम्मेलन के लिए क्योटो प्रोटोकॉल, विश्व व्यापार करार, नाइट्रोजन ऑक्साइड के सल्फर उत्पसर्जन को कम करने सर उनके ट्रांस बाउन्ड्री फ्लेक्सेस (नोन प्रोटोकॉल) पर एल आर टी ए पी हेन्सिंकी प्रोटोकॉल, वोलाटाइल ऑरगनिक समिश्रण या उनके ट्रांस बाऊन्ड्री फलाक्सेस (वी वो सी प्रोटोकॉल) के उत्सर्जन से संबंधित एल आर टी ए पी के लिए जेनेवा प्रोटोकॉल।
भूगोल-टिप्पणी भारत दक्षिण एशिया उप महाद्वीप के बड़े भूभाग पर फैला हुआ है।

 

भारतीय नागरिकों के बारे में सूचना
(आबादी) जनसंख्या 1 मार्च, 2011 की स्थिति के अनुसार भारत की जनसंख्या 1,210,193,422 (623.7 मिलियन पुरुष और 586.4 मिलियन महिला) की।
जनसंख्या वृद्धि दर औसत वार्षिक घातांकी वृद्धि दर वर्ष 2001-2011 के दौरान 1.64 प्रतिशत है।
जन्म दर वर्ष 2009 तक अनुमानित जन्म दर 7.3 है।
मृत्यु दर वर्ष 2009 तक अनुमानित मृत्यु दर 18.3 है।
संम्भावित जीवन दर 65.8 वर्ष (पुरुष) 68.1 वर्ष (महिला) (सितम्बर 2006-2011 की स्थिति के अनुसार)
लिंग अनुपात 2011 की जनगणना के अनुसार 940
राष्ट्रीयता भारतीय
जातीय अनुपात सभी पांच मुख्य प्रकार की जातियां, ऑस्ट्रेलियाड, मोंगोलॉयड, यूरोपॉयड, कोकोसिन और नीग्रोइड को भारत की जनता के बीच प्रतिनिधित्व मिलती है।
धर्म वर्ष 2001 की जनगणना के अनुसार 1,028 मिलियन देश की कुल जनसंख्या में से 80.5 प्रतिशत के साथ हिन्दुओं की अधिकांशता है दूसरे स्थान पर 13.4 प्रतिशत की जनसंख्या वाले मुस्लिम इसके बाद ईसाई, सिख, बौद्ध, जैन और अन्य आते हैं।
भाषाएं भारतीय संविधान द्वारा 22 विभिन्न भाषाओं को मान्यता दी गई है, जिसमें हिन्दी आधिकारिक भाषा है। अनुच्छेद 343 (3) भारतीय संसद को विधि के अधीन कार्यालयीन उद्देश्यों के लिए अंग्रेजी के उपयोग को जारी रखने का अधिकार देता है।
साक्षरता 2011 की जनसंख्या के अनंतिम परिणाम के अनुसार देश मे साक्षरता दर 74.04 प्रतिशत है। 82.14 प्रतिशत पुरुषों के लिए और महिलाओं के लिए 65.46 है।

 

भारत सरकार के बारे में सूचना
देश का नाम रिपब्लिक ऑफ इंडिया; भारत गणराज्य
सरकार का प्रकार संसदीय सरकार पद्धति के साथ सामाजिक प्रजातांत्रिक गणराज्य।
राजधानी नई दिल्ली
प्रशासनिक प्रभाग 29 राज्य और 7 संघ राज्य क्षेत्र
आजादी 15 अगस्त 1947 (ब्रिटिश उपनिवेशीय शासन से)
संविधान
भारत का संविधान 26 जनवरी, 1950 को लागू हुआ।
कानून प्रणाली भारत का संविधान देश की न्याय प्रणाली का स्रोत है।
कार्यपालिका शाखा भारत का राष्ट्रपति देश का प्रधान होता है, जबकि प्रधानंत्री सरकार प्रमुख होता है और मंत्रिपरिषद् की सहायता से शासन चलाता है जो मंत्रिमंडल मंत्रालय का गठन करते हैं।
विद्यायिका शाखा भारतीय विद्यायिका में लोक सभा (हाउस ऑफ दि पीपल) और राज्य सभी (राज्य परिषद्) संसद के दोनों सदनों का गठन करते हैं।
न्यायपालिका शाखा भारत का सर्वोच्च न्यायालय भारतीय कानून व्यवस्था का शीर्ष निकाय है इसके बाद अन्य उच्च न्यायालय और अधीनस्थ न्यायालय आते हैं।
झण्डे का वर्णन राष्ट्रीय झण्डा आयताकार तिरंगा है जिसमें केसरिया ऊपर है, बीच में सफेद, और बराबर भाग में नीचे गहरा हरा है। सफेद पट्टी के केन्द्र में गहरा नीला चक्र है जो सारनाथ में अशोक चक्र को दर्शाता है।
राष्ट्रीय दिवस 26th जनवरी (गणतंत्र दिवस)
15th अगस्त (स्वतंत्रता दिवस)
2nd अक्तूबर (गांधी जयंती, महात्मा गांधी का जन्म दिवस