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COVID-19

हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वाइन की खोज किसने की थी ?

(Hydroxychloroquine)

हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वाइन (Hydroxychloroquine or HCQ) एक मलेरिया-रोधी दवा है जिसे COVID-19 के इलाज में एक उपयोगी दवा माना जा रहा है लेकिन ये अभी प्रूव नहीं हुआ है कि क्या सच में यह COVID-19 से लड़ने में कारगार दवा है. इसी बीच प्रफुल्ल चंद्र राय (P.C Ray) द्वारा स्थापित कंपनी केमिकल्स एंड फर्मास्युटिकल्स लिमिटेड ने अपनी ओर ध्यान खिंचा है.

कोलकाता स्थित बंगाल केमिकल्स एंड फार्मास्युटिकल्स लिमिटेड, पूर्वी भारत की एकमात्र सार्वजनिक क्षेत्र की इकाई है जो भारत में मलेरिया-रोधी दवाओं का निर्माण करती है. 

हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वाइन  क्या है?

हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वाइन और क्लोरोक्वीन दोनों संबंधित दवा हैं जिनका उपयोग मलेरिया के इलाज के लिए किया जाता है. क्लोरोक्वीन का आविष्कार 1934 में किया गया था, और हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वाइन  का आविष्कार द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान कम दुष्प्रभावों के साथ एक विकल्प प्रदान करने के लिए किया गया था. हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वाइन  को कभी-कभी इसके ब्रांड नाम, प्लाक्वेनिल (Plaquenil) द्वारा संदर्भित किया जाता है. दोनों दवाओं का उपयोग ल्यूपस के लक्षणों का इलाज करने के लिए किया गया है जो कि एक ऑटोइम्यून बीमारी है. हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वाइन  rheumatoid arthritis के इलाज के लिए भी निर्धारित की जाती है.

फादर ऑफ इंडियन केमिस्ट्री नाम से मशहूर प्रफुल्ल चंद्र राय (P.C Ray) 

“फादर ऑफ इंडियन केमिस्ट्री” के नाम से मशहूर, प्रफुल्ल चंद्र राय एक प्रसिद्ध भारतीय वैज्ञानिक और शिक्षक थे और पहले “आधुनिक” भारतीय रासायनिक शोधकर्ताओं में से एक थे. उन्होंने 1896 में स्थिर यौगिक मर्क्यूरियस नाइट्राइट (stable compound mercurous nitrite) की खोज की और 1901 में भारत की पहली दवा कंपनी बंगाल केमिकल एंड फ़ार्मास्यूटिकल वर्क्स लिमिटेड की स्थापना की. साथ ही वह एक बहुत ही भावुक और समर्पित सामाजिक कार्यकर्ता थे जिन्होंने जाति व्यवस्था का समर्थन नहीं किया.प्रफुल्ल चंद्र राय का जन्म 2 अगस्त 1861 को रारुली-कटिपारा (Raruli-Katipara) गाँव में हुआ यह जोकि अब बांग्लादेश में है. उनके पिता, हरीश चंद्र राय एक जमींदार थे,