Category: History

आंध्र प्रदेश की तीन राजधानियां

आंध्र प्रदेश की तीन राजधानियां 20 जनवरी, 2020 को अंध प्रदेश राज्य की विधानसभा ने राज्य में तीन राजधानियां बनाने की योजना संबंधी ‘ आंध्र प्रदेश विकेंद्रीकरण और सभी क्षेत्रों का रामावेशी विकास विधेयक,...

पुनर्जागरण (Renaissance) का अर्थ एवं पृष्ठभूमि

पुनर्जागरण (Renaissance) का अर्थ एवं पृष्ठभूमि

पुनर्जागरण (Renaissance) का अर्थ एवं पृष्ठभूमि पुनर्जागरण (Renaissance) शब्द का सामान्य अर्थ होता है. फिर से जागना’ अर्थात् पुनर्जागरण से तात्पर्य उस बौद्धिक आन्दोलन से है. जिसके तहत पश्चिम के राष्ट्र मध्ययुग की प्रवृत्तियों...

लाल हरदयाल (1884-1939),लोकमान्य तिलक (1856-1920),रोमेश चंद्र दत्त (1848-1909),लाला लाजपत राय (1865-1928)

लाल हरदयाल (1884-1939) लाला हरदयाल का जन्म 14 अक्टूबर 1884 को दिल्ली में हुआ था तथा वे उन कुछ प्रसिद्ध राष्ट्रवादियों में से एक थे, जिन्होंने विदेश में रहकर भारतीय स्वाधीनता संग्राम के लिए...

क्रान्तिकारी,विचारक व दार्शनिक

व्योमेश चन्द्र बनर्जी (1844-1906) , अबुल कलाम आजाद (1888-1958): अरूणा आसफ अली (1909-1996) , आनन्द मोहन बोस (1847-1906), अमृतलाल विट्ठालाल ठक्कर (ठक्कर- बापा) (1869-1951) , अच्युत एस पटवर्धन (1905-1971) , आचार्य नरेन्द्र देव (1889...

प्रमुख ब्रिटिश गवर्नर व परिचय

प्रमुख ब्रिटिश गवर्नर/गवर्नर परिचय राबर्ट क्लाइवः 1765 – 72 तक बंगाल में द्वैध-शासन व्यवस्था रही, अर्थात् बंगाल का प्रशासन दो पृथक् शक्तियों -ईस्ट इंडिया कंपनी और नवाब द्वारा संचालित होता रहा। लॉर्ड क्लाइव 1757-60...

ब्रिटिश शासन में समाचार पत्र अधिनियम

ब्रिटिश शासन में समाचार पत्र अधिनियम 1799 का समाचार पत्र पत्रेक्षण अधिनियम(The Censorship of the Press Act) – लार्ड वेलेजली ने इस अधिनियम द्वारा सभी समाचार पत्रों पर सेन्सर बैठा दिया। फ्रांस के आक्रमण...

यूरोपीय कंपनियों का आगमन

यूरोपीय कंपनियों का आगमन प्रिंस हेनरी ‘द नेवीगेटर’: यह पुर्तगाल राजकुमार था जिसके सतत् प्रयासों से भौगोलिक खोजों का कार्य आसान हुआ तथा पुर्तगाल के नाविक बार्थोलोमियोडियाज ने 1487 ई. में उत्तमाशा अंतरीप की...

क्रांतिकारी एवं उग्रवादी आंदोलन

क्रांतिकारी एवं उग्रवादी आंदोलन अभिनव भारत (1904): विनायक दामोदर सावरकर द्वारा नासिक मे 1904 में मित्रमेला नामक संगठन की स्थापना की गई थी जो । एक गुप्त सभा अभिनव भारत के रूप में परिवर्तित...

छुआ-छूत विरोधी आन्दोलन

छुआ-छूत विरोधी आन्दोलन

छुआ–छूत विरोधी आन्दोलन अरव्विपुरम आंदोलन (1888) : यह आंदोलन केरल के महान धार्मिक सामाजिक सुधार श्री नारायण गुरू द्वारा 1888 में चलाया गया। यह ब्राह्मण अथवा पुरोहिती प्रभुत्व के विरुद्ध थे। इनका विचार था...

ब्रिटिश शासन के विरुद्ध विद्रोह

ब्रिटिश शासन के विरुद्ध विद्रोह , 1857 के विद्रोह के नेता सम्राट बहादुर शाहः  वह अंतिम मुगल सम्राट और दिल्ली में 1857 के विद्रोह का नेता थे। उन्हें हिंदुस्तान का शहंशाह घोषित किया गया...